ऋत फाउंडेशन ने दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर उपलब्ध कराकर दिया नया जीवन
मानवीय संवेदनाओं और सेवा की भावना को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अनुराग त्रिवेदी और ऋत फाउंडेशन द्वारा दो दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर उपलब्ध कराकर उनके जीवन में नई आशा का संचार किया गया। इस पहल के माध्यम से दोनों लाभार्थियों को पुनः सामान्य जीवन जीने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त हुई।
संस्था का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों तक सम्मानजनक जीवन के अवसर पहुंचाना भी है। दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सशक्तिकरण की दिशा में यह प्रयास सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवीय मूल्यों का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
अनुराग त्रिवेदी का मानना है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही वास्तविक सेवा है। इसी भावना के साथ वे और उनकी संस्था निरंतर जनकल्याण और सामाजिक समरसता के लिए कार्य कर रहे हैं।
