अनुराग त्रिवेदी
अनुराग त्रिवेदी उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद से जुड़े एक ऊर्जावान, दूरदर्शी एवं समर्पित समाजसेवी, शिक्षाविद्, लेखक एवं सामाजिक उद्यमी हैं, जो ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण और समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपने बहुआयामी योगदान के लिए व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं। उन्होंने बी.ए. एवं राजनीति विज्ञान में एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की है, जिससे सामाजिक, सार्वजनिक एवं विकासात्मक विषयों के प्रति उनकी गहरी समझ और मजबूत आधार विकसित हुआ।
वर्षों से सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों से सक्रिय रूप से जुड़े रहने के कारण उन्होंने जमीनी स्तर पर नेतृत्व, जनसहभागिता और विकासात्मक कार्यों का व्यापक अनुभव प्राप्त किया है। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) की प्रेरणा से शिक्षा, ग्रामोदय, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और अवसर पहुंचाना उनके कार्य का प्रमुख उद्देश्य रहा है।
अपने संवेदनशील नेतृत्व, सेवा भाव और समाज के साथ निरंतर संवाद की कार्यशैली के कारण अनुराग त्रिवेदी एक विश्वसनीय और जनोन्मुखी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित हुए हैं। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, कृषि नवाचार और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से हजारों किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का कार्य किया है। कोविड-19 महामारी और विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों में उनका योगदान समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
आज वे ऋत रूरल फाउंडेशन के निदेशक, ऋत ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक तथा ध्याना आईएएस अकादमी के संस्थापक के रूप में सेवा, संगठन और सतत विकास के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
प्रारंभिक जीवन एवं शिक्षा
- अनुराग त्रिवेदी उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद से जुड़े एक प्रतिष्ठित समाजसेवी, शिक्षाविद्, लेखक एवं सामाजिक उद्यमी हैं। वे जनपद उन्नाव के ग्राम पड़री कला, तहसील सफीपुर के निवासी हैं।
- उन्होंने बी.ए. एवं राजनीति विज्ञान में एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की है, जो सामाजिक, सार्वजनिक एवं विकासात्मक विषयों के प्रति उनकी गहरी समझ और मजबूत शैक्षणिक आधार को दर्शाती है।
- वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में समाज के विभिन्न वर्गों के बीच कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एवं विश्व हिंदू परिषद (VHP) की प्रेरणा से शिक्षा, ग्रामोदय, किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
- उन्होंने ऋत रूरल फाउंडेशन, ऋत ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड तथा ध्याना आईएएस अकादमी के माध्यम से ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके नेतृत्व में हजारों किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं को प्रशिक्षण एवं आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य किया गया है।
- कोविड-19 महामारी तथा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्होंने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया। इसके अतिरिक्त वे भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और सतत विकास के मूल्यों को समाज के व्यापक हित में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
- अपने सेवा भाव, संवेदनशील नेतृत्व और समाज के साथ निरंतर संवाद की कार्यशैली के कारण अनुराग त्रिवेदी एक विश्वसनीय एवं जनोन्मुखी नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित हुए हैं और जनकल्याण तथा राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर सक्रिय हैं।
वैचारिक प्रतिबद्धता
राष्ट्र प्रथम की विचारधारा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पित।
अंत्योदय एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने हेतु सक्रिय।
शिक्षा, ग्रामोदय और सतत विकास को समाज परिवर्तन का आधार मानने वाले।
युवाओं, किसानों, महिलाओं एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत।
प्रमुख संगठनात्मक दायित्व
• राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता एवं सेवा कार्यों से प्रेरित विभिन्न संगठनों से सक्रिय रूप से जुड़े तथा शिक्षा, ग्रामोदय, किसान कल्याण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों में निरंतर सहभागिता निभाई है।
• ऋत रूरल फाउंडेशन (2020 – वर्तमान) के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक के रूप में ग्रामीण क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को जमीनी स्तर पर लागू करने तथा शिक्षा, कृषि, महिला सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न पहलों का संचालन कर रहे हैं।
• ऋत ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (2023 – वर्तमान) के संस्थापक के रूप में किसानों के लिए तकनीक एवं बाजार आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने तथा कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और मूल्य संवर्धन को प्रोत्साहित करने हेतु कार्यरत हैं।
• ध्याना IAS अकादमी (2018 – वर्तमान) के संस्थापक के रूप में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मार्गदर्शन एवं नेतृत्व विकास के लिए तैयार करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण की भावना से युक्त सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण हेतु समर्पित हैं।
सामाजिक एवं जनसेवा कार्य
• कोविड-19 राहत अभियान:
कोविड-19 महामारी के दौरान जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री, दवाइयों एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने में सक्रिय योगदान दिया। विभिन्न क्षेत्रों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के माध्यम से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई। ऑक्सीजन केंद्रों की स्थापना एवं चिकित्सा सहायता से जुड़े सेवा कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जनसेवा और मानवीय सहयोग के प्रति समर्पित कार्यों के लिए व्यापक सराहना प्राप्त हुई।
• आपदा राहत एवं पुनर्वास:
बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुँचाने के लिए सक्रिय प्रयास किए। ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री, वस्त्र एवं आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने में योगदान दिया। सामुदायिक सहयोग एवं जनभागीदारी के माध्यम से राहत अभियानों का प्रभावी संचालन किया। समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर सेवा कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
• दिव्यांग सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहयोग:
आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई। सम्मानजनक एवं आत्मनिर्भर जीवन के लिए आवश्यक संसाधनों और सहयोग को बढ़ावा दिया। वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के जीवन स्तर में सुधार लाने हेतु विभिन्न सामाजिक पहलों का संचालन किया। सेवा, संवेदनशीलता और समावेशी विकास के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
पर्यावरण एवं कृषि क्षेत्र में योगदान
विभिन्न राज्यों में वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों के माध्यम से हरित विकास को बढ़ावा देने हेतु सक्रिय प्रयास।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड एवं अन्य क्षेत्रों में जैविक खेती, प्राकृतिक कृषि और सतत कृषि पद्धतियों के प्रसार के लिए कार्यरत।
किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण एवं बाजार आधारित समाधानों से जोड़कर कृषि क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन।
हजारों किसानों को जैविक खेती, मूल्य संवर्धन एवं कृषि आधारित उद्यमिता के लिए प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया।
किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) तथा सामुदायिक कृषि मॉडल के माध्यम से किसानों की आय और आजीविका को सशक्त बनाने का प्रयास।
जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सतत विकास आधारित कृषि मॉडल को बढ़ावा।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादों की बेहतर विपणन व्यवस्था और बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पहलों का संचालन।
ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय समुदायों के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण और जैविक खेती से संबंधित जागरूकता अभियानों का संचालन।
कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण विकास को एकीकृत करते हुए आत्मनिर्भर एवं समृद्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत।
सामुदायिक संसाधन केंद्र
• गुणवत्तापूर्ण एवं सर्वसुलभ शिक्षा तथा डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा:
बच्चों और युवाओं को प्रौद्योगिकी सहायता, डिजिटल शिक्षा, मार्गदर्शन एवं सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और तकनीकी दक्षता के विकास के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने का कार्य किया गया है।
• महिला सशक्तिकरण एवं कौशल प्रशिक्षण:
महिलाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास एवं आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान कर उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में हजारों महिलाओं को कौशल विकास से जोड़ने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की क्षमता निर्माण और नेतृत्व विकास के लिए भी विशेष प्रयास किए गए हैं।
• युवा नेतृत्व एवं सामुदायिक सहभागिता:
युवाओं को सकारात्मक नेतृत्व, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की भावना से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों एवं अभियानों का संचालन किया जा रहा है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से विकास आधारित पहलों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
सांस्कृतिक विरासत एवं सभ्यतागत मूल्यों का संरक्षण
• भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण का संवर्धन:
भजन मंडलियों, गंगा आरती, जन-सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और सभ्यतागत मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन पहलों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य किया गया है।
• धार्मिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता के माध्यम से सामाजिक एकता का सुदृढ़ीकरण:
विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में सांस्कृतिक जागरूकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय गौरव की भावना को प्रोत्साहित किया गया है। सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सामाजिक एकता और परस्पर सहयोग की भावना को भी सशक्त बनाया गया है।
• नई पीढ़ी को सांस्कृतिक मूल्यों एवं राष्ट्रीय चेतना से जोड़ने का प्रयास:
युवाओं और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सभ्यतागत आदर्शों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है, जिससे उनमें राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूकता विकसित हो सके।