हमारा मिशन
हमारा मिशन सेवा, शिक्षा और सतत विकास के माध्यम से समाज के प्रत्येक वर्ग तक अवसर और सशक्तिकरण पहुंचाना है। हमारा मुख्य उद्देश्य किसानों, युवाओं, महिलाओं और वंचित समुदायों को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार लाना है। हम मानते हैं कि जनसहभागिता, नवाचार और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से समाज में स्थायी और सार्थक परिवर्तन लाया जा सकता है।
जनता की परवाह
हम समाज के प्रत्येक वर्ग की आवश्यकताओं और चुनौतियों के प्रति संवेदनशील हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य हमेशा लोगों से जुड़े रहना और शिक्षा, विकास एवं जनसेवा के माध्यम से समुदाय को सशक्त बनाना है। हम विश्वास करते हैं कि जागरूक, आत्मनिर्भर और समरस समाज ही एक विकसित और समृद्ध भविष्य की मजबूत नींव रखता है।
संगठन का विकास
हमारा उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ विश्वास, संवाद और सहयोग का मजबूत संबंध स्थापित करते हुए संगठन को निरंतर सुदृढ़ बनाना है। हम जनसेवा, सामाजिक जागरूकता और सामूहिक सहभागिता के माध्यम से समाज के समग्र विकास के लिए कार्य करने में विश्वास रखते हैं। हमारा मानना है कि सशक्त संगठन और जागरूक समाज ही एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं।
अनुराग त्रिवेदी
अनुराग त्रिवेदी उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद से जुड़े एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद्, लेखक एवं सामाजिक उद्यमी हैं, जो ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बी.ए. एवं राजनीति विज्ञान में एम.ए. की शिक्षा प्राप्त की है और स्वयं को जनसेवा एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों के लिए समर्पित किया है।
अनुराग त्रिवेदी का वैचारिक विकास राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से प्रेरित वातावरण में हुआ है। वे लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर रहे हैं तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एवं विश्व हिंदू परिषद (VHP) से प्रेरणा प्राप्त करते हुए शिक्षा, ग्रामोदय, किसान कल्याण और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका विशेष ध्यान युवाओं, किसानों, महिलाओं और वंचित समुदायों के सशक्तिकरण पर रहा है।
वर्तमान में वे ऋत रूरल फाउंडेशन के निदेशक, ऋत ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक तथा ध्याना आईएएस अकादमी के संस्थापक के रूप में कार्यरत हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से वे ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से संबंधित अनेक पहलों का संचालन कर रहे हैं तथा हजारों किसानों, विद्यार्थियों और महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य कर चुके हैं।
कोविड-19 महामारी तथा विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्होंने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अतिरिक्त वे भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय चेतना के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी निरंतर सक्रिय हैं। एक लेखक, समाजसेवी और दूरदर्शी नेतृत्वकर्ता के रूप में वे सेवा और संगठन के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सतत प्रयासरत हैं।
- ग्रामीण विकास, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और सामाजिक परिवर्तन के क्षेत्र में व्यापक अनुभव
- शिक्षा, कृषि, पर्यावरण संरक्षण एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े अभियानों में सक्रिय नेतृत्व
- आपदा राहत, जनकल्याण एवं सामुदायिक सेवा के माध्यम से समाज के वंचित वर्गों के प्रति निरंतर समर्पण
हमारे मूल मूल्य
सेवा और समर्पण
समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और अवसर पहुंचाने की भावना हमारे कार्यों का मूल आधार है। शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि, पर्यावरण संरक्षण तथा वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के माध्यम से जनकल्याण को बढ़ावा देना हमारा सतत प्रयास है। सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सतत विकास और सशक्तिकरण
समावेशी और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण के उद्देश्य से हमारा विशेष ध्यान ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, कृषि नवाचार और युवाओं के नेतृत्व निर्माण पर केंद्रित है। हमारा विश्वास है कि शिक्षा, नवाचार और जनसहभागिता के माध्यम से ही स्थायी और व्यापक विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
हमारा विज़न
एक ऐसे सशक्त, आत्मनिर्भर और समरस समाज का निर्माण करना हमारा उद्देश्य है, जहां प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा, अवसर और सम्मान प्राप्त हो। भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और सतत विकास की भावना से प्रेरित होकर हम राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर भविष्य का निर्माण करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
प्रमुख उपलब्धियाँ
नेतृत्व एवं सामाजिक भूमिका
अनुराग त्रिवेदी ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने किसानों, युवाओं, महिलाओं एवं वंचित वर्गों के सशक्तिकरण हेतु अनेक विकासात्मक पहलों का संचालन किया है।
उनके नेतृत्व में हजारों लोगों को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य किया गया है।
सामाजिक समरसता, जनसहभागिता और सतत विकास को बढ़ावा देने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
पार्टी संबद्धता एवं भूमिका
वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में लंबे समय से जनसेवा और संगठनात्मक कार्यों से जुड़े हुए हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एवं विश्व हिंदू परिषद (VHP) से प्रेरित होकर वे राष्ट्र निर्माण एवं सामाजिक जागरूकता के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रामोदय और आत्मनिर्भर भारत के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
संगठनात्मक / पेशेवर पृष्ठभूमि
वर्तमान में ऋत रूरल फाउंडेशन के निदेशक के रूप में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), शिक्षा, कृषि एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़ी परियोजनाओं का संचालन कर रहे हैं।
ऋत ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक के रूप में कृषि नवाचार और किसानों के लिए तकनीकी एवं बाजार आधारित समाधान विकसित कर रहे हैं।
ध्याना आईएएस अकादमी के संस्थापक के रूप में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
कोविड-19 महामारी एवं विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत, पुनर्वास और जनसेवा के कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया।
एक लेखक, शिक्षाविद् एवं सामाजिक उद्यमी के रूप में समाज में सकारात्मक परिवर्तन और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्यरत हैं।
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